SEO Basics Guide

Table Of Contents

इस गाइड में हम आपको बताएंगे SEO के बारे में और कुछ जरूरी जानकारी जैसे कि SEO क्या है ? और यह कैसे काम करता है और इसमें क्या-क्या चीजें होती है। और ये जरूरी क्यों है ?

और बहुत ही इम्पोर्टेन्ट है अगर आप SEO में नए हैं और आप इसके fundamental और बेसिक जानकारी और इसके concepts के बारे में जानना चाहते हैं तो यह गाइड आपके लिए है।

यह गाइड SEO की बेसिक हैं और इस गाइड को बनाते टाइम ये ख्याल रखा गया है कोई भी SEO की शुरुआत करना चाहता है तो उसके मन में क्या-क्या questions आते हैं। उन questions का जवाब दिया है हमने । और इसके fundamental और इसके जरूरी concepts के बारे में बात की है।

SEO की बेसिक जानकारी

SEO के बारे में बात करें तो यह एक ऐसा Process है जिसमें हम अपनी वेबसाइट को Optimize करते हैं। search engine में हाई रैंक करने के लिए यह किसी Specific keywords के लिए हो सकता है और यह किसी भी Specific search engine के लिए भी हो सकता है।

SEO का बहुत ज्यादा योगदान होता है वेबसाइट पर Traffic लाने के लिए अगर आप ज्यादा Traffic लाना चाहते हैं। अपनी वेबसाइट या blog पर तो आपको अपना टाइम और मेहनत को SEO करने के लिए लगाना पड़ेगा।

और इसके बाद आप अपनी वेबसाइट पर user को ला सकेंगे। जो लोग किसी search engine पर किसी भी Word को search करते हैं तो आप उनको target करके उनको अपनी वेबसाइट पर ला सकते हैं SEO के माध्यम से।

SEO में बहुत सारे factors और elements influencing होते हैं। और यह SEO को प्रभावित भी करते हैं। किसी के लिए भी सभी factors को कवर करना मुश्किल होगा लेकिन इस गाइड में जो आपके लिए जरूरी होगा उसके बारे में आपको जानकारी दी जाएगी।

SEO क्यों जरूरी है

SEO बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि यह आपकी वेबसाइट पर Visitor को लाने में मदद करता है। जो कि आप की वेबसाइट या फिर आपके Content में Interest रखते हैं। यह वह Visitor होते हैं जिनको जो जानकारी चाहिए वह आपके पास मौजूद है। इसलिए यह आपके लिए और भी ज्यादा फायदेमंद हो जाता है एक दिन में बहुत ज्यादा Search Engine पर Search होता है।

लोग अपनी जरूरत के हिसाब से Search करते हैं अगर वह उनकी जरूरत के हिसाब से आपकी वेबसाइट पर आकर खत्म हो तो यह उनके लिए और आपके लिए दोनों के लिए win-win सिचुएशन होगी। इस लिहाज से SEO बहुत ज्यादा Important हो जाता है कि यह आपकी वेबसाइट की Growth के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।

SEO और SEM में क्या अंतर है

SEM क्या हैं

SEM का मतलब search engine marketing होता है जो कि एक paid method होता है। अपनी वेबसाइट पर Traffic लाने के लिए इसमें जो लोग भी अपनी वेबसाइट पर Traffic लाना चाहते हैं। वे search engine जैसे ही Google या कोई और search engine उनको कुछ पैसे pay करते हैं।

और बदले में वह उनके keywords को Search Engine पर उस Keyword के लिए ऊपर दिखाते हैं यह आपने कई बार देखा भी होगा कि जब हम कुछ search करते हैं तो ऊपर एक सर्च आता है जिसमें Ad लिखा होता है यह एक SEM का Example है।

इसका एक स्क्रीनशॉट हमने नीचे लगा दे रहे हैं आप देख सकते हैं।

SEO and SEM

SEO और SEM में difference यह है SEO search engine अपने Algorithm के माध्यम से आता है इसमें कोई पैसा नहीं देना पड़ता जबकि SEM में हमें पैसे देने पड़ते हैं। और जितना हमने पैसा दिया होगा। उतने टाइम तक वह कीवर्ड Keyword दिखाई देगा उसके बाद सर्च इंजन से हट जाएगा

जबकि SEO में जब तक वह कीवर्ड सर्च इंजन के मुताबिक काम करेगा तब तक आता रहेगा या जब तक वह उस सर्च कीवर्ड के रिलेवेंट होगा तब तक वह आता रहेगा।

SEO के माध्यम से अपनी वेबसाइट को रैंक कराने में बहुत ज्यादा टाइम लगेगा लेकिन SEM में आपको पैसा पे करके कम टाइम में अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन पर रैंक करवा सकते हैं और ट्रैफिक ला सकते हैं।

Organic Traffic क्या है ?

Organic Traffic वह होता है जो किसी भी वेबसाइट पर ऑर्गेनिक लिस्टिंग के थ्रू सर्च इंजन से आता है यह पेड़ ट्रैफिक का ठीक ऑपोजिट यानी कि उल्टा होता है। इसमें कोई भी पैसे नहीं देने होते हैं यह सर्च इंजन अपने आप ही रिलेवेंट कीवर्ड के कोडिंग और कंटेंट की क्वालिटी के कोडिंग अपने आप ही ट्रैफिक भेजता है उसको ऑर्गेनिक ट्रैफिक कहते हैं।

इसको गूगल सर्च कंसोल के एक स्क्रीनशॉट के थ्रू नीचे दिखा रहे हैं उससे आप समझ सकते हैं।

organic traffic

SERPs क्या है ?

SERPs का मतलब सर्च इंजन results page वह page कि सर्च इंजन में कुछ भी सर्च करने पर सामने लिस्टिंग के रूप में display होता है उसको बोलते हैं यह SERPs गैलरी 10 ऑर्गेनिक रिजल्ट और कुछ पेड़ रिजल्ट पर आधारित होता है।

यह डेस्कटॉप और मोबाइल पर अलग अलग हो सकता है। और कुछ top, featured snippets भी हो सकते हैं इसमें वीडियो भी हो सकता है इमेज भी हो सकता है इसमें बहुत कुछ हो सकता है।

इसका की स्क्रीनशॉट हम नीचे दे रहे हैं आप इसको देख सकते हैं।

Universal Search क्या है ?

Universal Search को हम Enhanced Search या फिर Blended Search भी कहते हैं यह बहुत सारे सर्च रिजल्ट का एक ग्रुप होता है जो कि SERP में सर्च इंजन रिजल्ट pages में दिखाई देता है। यूनिवर्सल सर्च का मतलब इसमें कुछ अलग मीडिया टाइप भी होते हैं।

जैसे इमेज हो गया वीडियो हो गया लिंक हो गया या और फीचर्ड rich snippets हो गए उन सभी को हम यूनिवर्सल सर्च रिजल्ट्स कहते हैं। इसमें क्या डिस्प्ले होगा यह exactly कोई भी नहीं बता पाएगा यह अलग-अलग टाइम पर अलग-अलग तरीके से डिस्प्ले होता रहता है।

SEO बेसिक Search Engines और वे कैसे काम करते हैं

Search Engine क्या है ?

Search Engine एक कंप्यूटर Program या ऑनलाइन Tool कह सकते हैं जिसमें की रिजल्ट देता है हमारे questions के coding यानी हमारी query के अनुसार हम कुछ सर्च इंजन में submits करते हैं। तो वह हमें कुछ रिजल्ट देता है इसको हम Search Engine कहते हैं।

यह Search Engine इंटरनल डाटा को कहीं database में या कहीं और रखता और वहां से जो हमें चाहिए जो हम कीवर्ड सर्च करते हैं उसको ढूंढ करके हमें लाकर देता है Search Engine डिस्कवर करता है। और analyze करता है और यूजर को समझता है।

और फिर उसके मुताबिक उसको डाटा लाकर के देता है वर्ल्ड में Google सबसे ज्यादा popular search engine है जिसका कि लगभग 75% का मार्केट शेयर है जो सर्च इंजन Google के बाद आते हैं उनमें भी माइक्रोसॉफ्ट का Bing है जो कि चाइना में बहुत पॉपुलर है यह Yandex एक और है लेकिन इसमें वीडियो सर्च होता है।

KeyWord क्या है ?

एक Keyword जिसको की हम key phrase भी कहते हैं यह एक word या combination of words का हो सकता है जो कि किसी भी टॉपिक को describe करता है यह ऑनलाइन कंटेंट में बात करने के टाइम में यूज होता है। जैसे आर्टिकल हो गया या blog पोस्ट हो गया।

अगर हम SEO की बात करें तो Keyword एक Term है जोकि यूजर सर्च इंजन में अपने क्वेश्चन को लिखकर उसके आंसर को ढूंढने की कोशिश करता है उसको हम कीवर्ड भी कह सकते हैं

SEO में keyword वो है जोकि सर्च इंजन में जा करके लिख करके अपना आंसर खोजते हैं इसको हम क्वेरी या सर्च क्वेरी भी कहते हैं यह विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं

Long-tail keyword क्या है ?

long-tail keyword ये नॉर्मल कीवर्ड से काफी बड़ा होता है इसमें यूजर अपनी keyword पूरा लिखता है। इसमें 4 या उससे ज्यादा वर्ड हो सकते हैं इसमें यूजर की क्वेरी का specific आंसर मिलता है। यह कीवर्ड ज्यादातर कम कंपटीशन वाला होता है।

और इसमें सर्च रिजल्ट भी कम होता है लेकिन इसमें specific और टारगेट यूजर आने से earning का चांस काफी ज्यादा होता है। क्या आप यह जानते हैं कि गूगल पर रोजाना लगभग 18 परसेंट इस तरीके का सर्च होता है जो कि बिल्कुल नया होता है और इससे पहले किसी ने सर्च नहीं किया होता है

नीचे हम कुछ नॉर्मल या रेगुलर कीवर्ड्स और long-tail कीवर्ड्स का Examples दे रहे हैं जिनको देख कर के आप समझ सकते हैं।

Question Keyword Email Marketing

Pro tips

Long-tail keywords आसान होता है टारगेट करना और अपने Blog पर ट्रैफिक लाना खास तौर से अगर आपकी वेबसाइट नहीं New हो और उस वक्त उसकी कोई Athority ना हो तो भी यह आपकी वेबसाइट के लिए काफी कारगर साबित होगा

keyword Research क्या है ?

Keyword research एक ऐसा प्रोसेस है जो SEO professionals इस्तेमाल करते हैं कीवर्ड को ढूंढने और एनालाइज करने के लिए जिससे कि वह सर्च इंजन पर हाई रैंक कर सके। और ऐसा कीवर्ड निकाल सके जो ही कम डिफिकल्ट हो उसमें ज्यादा पोटेंशियल हो और अपनी प्रोडक्ट और सर्विस को लोगों तक पहुंचाने के लिए काफी अच्छा हो।

कीवर्ड रिसर्च का सबसे आसान तरीका यह है कि जो कीवर्ड रिसर्च के टूल आते हैं उनके थ्रू आप कीवर्ड रिसर्च कर सकते हैं यह टूल Paid होते हैं और इनको इस्तेमाल करना काफी आसान होता है और इसकी गाइड और इसका tutorial भी वह लोग provide करवाते हैं।

Pro tips

कीवर्ड रिसर्च के थ्रू आप यह जान सकते हैं कि कौन सा कीवर्ड आपकी वेबसाइट के लिए यूजर लाने के लिए अच्छा साबित होगा और उस पर कंपटीशन कम होगी वॉल्यूम ज्यादा होगा और earning की पोटेंशियल ज्यादा होगा इस तरीके की आप जानकारी निकाल पाएंगे।

कीवर्ड रिसर्च के लिए सबसे ज्यादा पॉपुलर टूल है गूगल का अपना Keyword Planner जो कि सारा डाटा गूगल के पास मौजूद होता है उसमें से ही लाकर के देता है। उसके बाद है गूगल का Google Trends जोकि एक पर एक पार्टिकुलर टाइम में किस चीज का ट्रेन चल रहा है।

किसको लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं उस बारे में आप जानकारी ले सकते हैं इसके अलावा भी मार्केट में और बहुत सारे टूल है जिन के नाम हम नीचे लिख दे रहे हैं आप इनको भी एक बार इस्तेमाल करके देख सकते हैं।

गूगल कीवर्ड ज्यादातर टाइम analyzed किया जाता है की सर्च इंटरनेट क्या है यानी कि यूजर जो सर्च कर रहा है वह किस मतलब से सर्च कर रहा है उसका उद्देश्य क्या है। कीवर्ड रिसर्च में यह सबसे ज्यादा जरूरी चीज है search intent को समझे बिना आप सही से कीवर्ड सर्च नहीं कर पाएं।

Search intent क्या है ?

Search intent क्या होता है सर्च इंटेंट को कीवर्ड इंटेंट या यूजर इंटरनेट भी कहते हैं मतलब कि यूजर का उद्देश्य क्या है सर्च करने के पीछे उसको ही हम सर्च इंटेंट कहते हैं। जैसे किसी यूज़र को किसी वेबसाइट पर लॉगइन करने के लिए सर्च कर रहा है।

तो वहां पर अगर कोई पोस्ट आ जाए तो उस blog पोस्ट वाले का कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि यूजर तो किसी वेबसाइट पर लॉगइन करने के लिए जा रहा है। वह कुछ पढ़ने के लिए नहीं जा रहा है तो यूजर के इंटरनेट के हिसाब से हम उस को तीन भागों में बांट सकते हैं।

Informational intent

इसमें यूजर कुछ इंफॉर्मेशन यानी की जानकारी हासिल करने के लिए सर्च कर रहा होता है इसमें जैसे कि क्या क्यों कैसे कि फला काम कैसे करें फलाना चीज क्या होता है वगैरा-वगैरा।

Navigational Intent

इसमें यूजर किसी वेबसाइट पर किसी स्पेसिफिक जगह पर जाना चाहता है और उसके लिए सर्च करता है जैसे कि इस वेबसाइट पर जाना है। तो itechf.com पर इस ये गाइड लिख करके सर्च करें तो यहां पर यूजर का इंटेंट होगा Navigational

Navigational Intent इसका नीचे हम Example दे रहे हैं जिसको देखकर आप समझ सकते हैं।

Transactional intent

इसमें यूजर का मतलब होता है इसमें यूजर का इरादा होता है कुछ खरीदने का वह चीजों को जान चुका होता है समझ चुका होता है और वह खरीदना चाहता है तो वह गूगल पर सर्च करेगा buy or purchase इस तरह का keywords लगा करके सर्च करेगा तो इसको हम Transactional intent कहते हैं।

इसका एग्जांपल हम नीचे दे रहे हैं।

buy or purchase

Pro tip

यूजर का सर्च इंजन पर सर्च करने का इंटरनेट बहुत ही ज्यादा मायने रखता है इस को जाने बिना आप अपनी वेबसाइट को किसी भी कीवर्ड के लिए ऑप्टिमाइज नहीं कर सकते जब तक कि आप उसका इंटेंट ना समझते हो कि उसके सर्च करने के पीछे क्या इंटेंट है।

Pro tip-2

सर्च इंटेंट को जानने का सबसे आसान तरीका होता है कि सर्च इंजन पर जाकर के उसकी वर्ड्स इसका कि आप रिटर्न जानना चाहते हैं उसको सर्च करें और फिर यह देखें कि किस तरीके का वहां पर सर्च रिजल्ट आ रहा है और उससे फिर आप यह समझने की कोशिश करें कि इसका क्या इंटेंट है।

एक featured snippet एक अलग तरीके का सर्च रिजल्ट को दिखाने का तरीका होता है जिसमें की किसी वेबसाइट का लिंक देने के साथ-साथ वह अलग तरीके से भी दिखाता है। जैसे की लिस्टिंग पैराग्राफ इमेज वीडियो इस तरीके से दिखाता है जिसका स्क्रीनशॉट हम नीचे दे रहे हैं।

first input delay guide

Rich Results क्या है ?

Rich results जिसको की rich snippets भी कहते हैं यह नॉर्मल सर्च रिजल्ट से थोड़ा सा अलग होता है। इसमें कुछ ज्यादा इंफॉर्मेशन होती है कुछ ज्यादा डाटा दिखाता है जिस रिजल्ट यह डाटा स्ट्रक्चर से कुछ डाटा लेकर के आता है। और उसको गूगल अपने पेज पर दिखाता है जैसे की रेसिपी रिव्यू और कुछ क्वेश्चन आंसर इस तरह की चीजें दिखाता है उसी को कहते हैं रिजल्ट या snippets.

Pro tip

हालांकि आप directly Search engine को कंट्रोल नहीं कर सकते लेकिन अगर आपका कोई पोस्ट सर्च रिजल्ट में rich snippets फीचर में आ जाता है तो यह आपके CTR को काफी ज्यादा प्रभावित करता है। और उसको बूस्ट देता है जिससे की आपके पेज की रैंकिंग और अच्छी हो जाती है और इसमें CTR भी बढ़ जाता है।

CTR क्या है ?

CTR का मतलब होता है click-through rate यानी कि उसका ratio कि कितने लोग 100 में से आपके लिंक पर click कर रहे हैं। उसको CTR कहते हैं। CTR ज्यादातर गूगल का जो paid Ad होता है उनको मेजर करने के काम में आता है। और नॉर्मल CTR आप गूगल सर्च कंसोल में जा करके देख सकते हैं कि आपके 100 में से कितने बंदे आपके लिंक पर click कर रहे हैं।

हम नीचे स्क्रीनशॉट में दे रहे हैं।

google console

Ranking factors क्या है ?

Ranking factors एक बहुत ही क्रिटिकल criteria होता है सर्च इंजन का किसी भी वेबसाइट को rank करने के लिए सर्च रिजल्ट में यह 100 या उससे ज्यादा ट्रैक्टर पर आधारित हो सकता है। यह सर्च इंजन का इंटरनल एल्गोरिदम के थ्रू की साइड होता है।

और यह टाइम टू टाइम चेंज भी होता रहता है 100% इसको नहीं बता पाएगा लेकिन इसमें कुछ चीजें जो कि सर्च रैंकिंग में signals का काम करता है। उसमें से है backlink profile टेक्निकल ओपनिंग ऑप्टिमाइजेशन वेबसाइट की स्पीड यूजर behavior कांटेक्ट इंटरनल लिंकिंग और वेबसाइट पर की गई सिक्योरिटी का उपाय सर्च इंजन Ranking के बारे में थोड़ी बहुत ही जानकारी पब्लिकली देते हैं।

वह इंटरनली किस तरीके से काम करता है। उसको बताना पसंद नहीं करते हैं। हां लेकिन कुछ गाइडलाइंस जरूर देते हैं जिसको की फॉलो करने से सर्च इंजन में हाई रैंक हासिल की जा सकती है।

Pro tip

अभी तक के मुताबिक Google पर हाई रैंक हासिल करने के लिए तीन फैक्टर सबसे ज्यादा important होते हैं उनमें से एक है content दूसरा backlinks है और तीसरा है internal linking

एक backlinks इसको हम incoming link, inbound link, or inlink जॉइन लिंक भी कहते हैं यह एक backlink होता है। जो दूसरी वेबसाइट से हमारी वेबसाइट की तरफ आने को कहते हैं।

यहां पर कोई दूसरी वेबसाइट पर click करके जब हमारी वेबसाइट पर आता है। तो वह हमारे लिए backlink पहला आएगी गूगल और दूसरे सर्च इंजन पर backlink एक rank का होता है।

लेकिन उसमें भी यह बात मैटर करती है कि वह backlink किस वेबसाइट से आ रही है अगर वह वेबसाइट अच्छी होगी वह भी काफी ज्यादा होगी अगर जिससे backlink आ रही है।

वह वेबसाइट की कोई वैल्यू नहीं है तो फिर वह बैकलिंक भी उतनी वैल्युएबल नहीं होगी backlink सर्च इंजन पर rank करने के लिए एक अच्छा सिग्नल होता है। तो लोग backlink का मिस यूज भी करते हैं तो बैकलिंक्स के हवाले से सर्च इंजन टाइम टू टाइम इंटरनल चेंज भी करते रहते हैं।

Pro tip

backlink के हवाले से गूगल की कुछ गाइडलाइंस भी होती है उसको फॉलो करने से बैकलिंक वेबसाइट के हक में काम करेगा अगर हम उसको फॉलो ना करें कि यही backlink फिर वेबसाइट के अगेंस्ट भी काम करेगा और वेबसाइट being penalized करवा सकता है।

Nofollow links क्या होता है जिसमें की इस वेबसाइट से किसी वेबसाइट को backlink दिया जा रहा है। वह नहीं चाहता कि मेरा कुछ भी इसमें लेना देना हो तो वह उसको no-follow कर देता है।

मतलब कि वह Google से यह कहता है कि यह मैं लिंक तो दे रहा हूं लेकिन इस वेबसाइट पर क्या है क्या नहीं है मुझे इस से मतलब नहीं है। इसको मेरी वेबसाइट की तरफ से जो वैल्यू मिलनी है वह वैल्यू में नहीं देना चाहता इसका एग्जांपल हम नीचे स्क्रीनशॉट में दे रहे हैं।

यह आमतौर से किसी भी वेबसाइट में जब हम लिंक बनाते हैं तो यह mostly Nofollow links ही बनती है इसमें उस वेबसाइट जोकि टॉप 30 वेबसाइट है वह अपना लिंक अपना लिंक switched आगे नहीं पास करना चाहता इसलिए वह उसमें लोग फॉलो लिंक लगा देता है।

कि बस यह तो लिंक दे रहा हूं इसमें मेरा कोई मतलब नहीं है इस वेबसाइट को जिसको मैंने लिंक दिया है इसके कंटेंट को मेरी कमेंट नहीं करता इस टाइप की बात आप समझ सकते हैं वह अपने आप को उस वेबसाइट से associated नहीं करना चाहता।

Dofollow link यह गूगल पर रैंकिंग के लिए जो बैकलिंक्स फैक्टर होता है वही होती है। इसमें किस वेबसाइट से लिंक बना होता है वह अपने लिंक switched को दूसरी वेबसाइट पर पास करवाने की परमिशन देता है।

मतलब कि यह सब साइट पर किसी दूसरी वेबसाइट का लिंक दिया हुआ है वह चाहता है कि मेरा लिंक switched उस वेबसाइट पर इस्तेमाल हो तो वह Dofollow link बैकलिंक्स बनाता है Dofollow link बैकलिंक्स बनाना बहुत मुश्किल होता है यह वेबसाइट ओनर की परमिशन से ही हो पाता है।

बिना उसकी परमिशन के Dofollow link बैकलिंक बनती है और जब वह परमिशन देगा तभी Dofollow link बैकलिंक्स बनेगी और गूगल पर rank करने के काम में मदद करेगी आजकल ज्यादातर लोग Paid बैकलिंक भी सेल और परचेज करने लगे हैं Dofollow link बैकलिंक लेने के लिए यह बहुत मुश्किल तरीके से बैकलिंक हासिल होती है लेकिन वैल्यू इसी की है।

SEO और Google की Basics बातें

Google Search Engine क्या हैं ? क्या Google Search Engine अकेला है जिस पर कि हम अपने Blog को Rank करवा सकते हैं। जी नहीं Google अकेला Search Engine नहीं है।

Google के जैसे और भी Search Engine है लेकिन बात यह है कि Google इनमें सबसे आगे है। Google लगभग 75% Market Share के साथ नंबर एक Search Engine है। इसके बाद नंबर आता है Bing का जो लगभग 10% Market Share के साथ दूसरे नंबर पर है।

इसके बाद और दूसरे Search Engine का नंबर आता है। जैसे Baidu, Yandex और DuckDuckGo इन सभी का नंबर Google के बाद है। अब क्योंकि Google जो है सबसे ज्यादा Market Share लेकर बैठा है। इसलिए हम अपनी Website पर जो भी काम करते हैं वह Google के हिसाब से अपनी Website को optimize करते हैं।

Google के नंबर वन होने की एक वजह यह है की Google Search query के हिसाब से सबसे ज्यादा सटीक result provide करता है। जो कि दूसरे Search Engine उतना अच्छा नहीं कर पाते दूसरी बात यह कि Google अपने हिसाब से Website को optimize करवाता है। इसलिए उसके पास काफी freedom होती है। Website को Rank करने की और वह अच्छा result और सबसे ज्यादा relevant result दे पाता है।

Google bot क्या है?

Googlebot क्या होता है ? Googlebot एक Website crawler होता है जो कि Google के लिए किसी Website को crawl करके उसका Content ले जाकर के Google के डेटाबेस में save करता है।

Googlebot की मदद से ही Google सबसे ज्यादा अच्छा result अपने Search Engine में दिखा पाता है। और Up-to-date भी इसी की वजह से रहता है। क्योंकि Google के बाद समय-समय पर Website पर जाकर के visit करके उसके Content को crawler करके अपने पास update करते रहते हैं।

Google अपने bot के माध्यम से desktop और mobile के लिए अलग-अलग तरीके से Website को crawl करके और फिर अपने Search Engine के result के रूप में दिखाता है Googlebot की ही तरह दूसरे Search Engine के भी बहुत होते हैं वह भी Website पर जाकर के Content को crawl करते हैं।

Google algorithms क्या है ?

Google algorithms क्या है ? Google algorithms एक बहुत ही complex Software है जिस के थ्रू Google किस Website को किस world के लिए Rank करना है और किसको Rank नहीं करना है। यह Decide करता है।

Google अपने algorithms के बारे में किसी को भी नहीं बताता और अगर कोई कैसे भी करके जान जाता है। तो उसको चेंज कर देता है। Google टाइम-टू- टाइम पर नए-नए update करके अपने algorithms को और एडवांस बनाता रहता है।

जिससे कि यूजर को update अच्छा और most relevant result मिल सके और अगर कोई Google का मिस यूज करके अपनी Website को rank करवाता है। तो जब Google का algorithms चेंज होता है। तो उसकी साइड पिट जाती है। कुछ Google के popular algorithms इस तरह है जिसको RankBrain, BERT और Caffeine के नाम से जानते हैं।

Google algorithm update क्या हैं ?

Google algorithm update क्या होता है Google algorithm update का मतलब जो भी टाइम के साथ Google अपने algorithm में चेंज करता है। Website को rank करने के लिए अपने Search Engine में उसको ही Google algorithm update कहते हैं।

Google एक दिन में भी कई बार अपने algorithm में चेंज कर सकता है। महीने में भी कर सकता है और जब चाहे तब कर सकता है वह उसकी मर्जी हैं।

Google Webmaster Guidelines क्या हैं ?

Google Webmaster Guidelines में कुछ set of rules है जो कि Google ने ही दिया है। लोगों को अपनी Website को Google के Search Engine में rank करवाने के लिए जो लोग चाहते हैं।

कि उनकी Website Google में rank करें तो उनको Google की Webmaster Guidelines को फॉलो करना चाहिए एक बात यह ध्यान रहे कि Google कि Webmaster Guidelines फॉलो करके आपकी Website rank होने में काफी टाइम लगता है। तुरंत ही कोई result पाने की उम्मीद न रखें।

Google penalty क्या हैं ?

Google की penalty क्या है Google की penalty एक ऐसी situation है। जहां कोई particular Website Search Engine से index हो जाए या फिर किसी keywords पर rank कर रहा था उस keywords पर ranking हट जाए इसको ही Google पर penalty कहते हैं। Google की guidelines ना फॉलो करके कुछ गलत तरीके से काम करना वे वजह बन सकती है। Google की penalty से बचने के लिए।

Google कई बार manual action भी लेता है किसी Website के खिलाफ अगर वह Website Google के algorithmic के हिसाब से कुछ कर रही है। या गलत information दे रही है या वह mislead कर रही है information तो Google मैनुअल भी action ले सकता है।

Google लगातार दिन-ब-दिन अपने algorithmic को चेंज करता जा रहा है और एडवांस बनाता जा रहा है। वह अपने algorithmic में ही ऐसा सेट करता जा रहा है कि वह Website जो कुछ गलत करेगी उसको खुद ब खुद ही penalty लग जाएगी।

Google को manual action लेने की जरूरत नहीं पड़ती है मोस्टली Google की penalty पाने वाली Website Search Engine में D’rank हो जाती है या फिर traffic एकदम से कम हो जाता है।

Google Penguin क्या हैं ?

Google Penguin को हम refers कर सकते हैं Google का जो 2012 में Update आया था। Ranking के मुतालिक उसको ही Google का Penguin Algorithm Update भी कहते हैं। इसमें Google ने Keyword Staffing Blackhead, backlinking और बहुत से जो लोग तरीके अपनाते थे।

अपनी Website को rank कराने का गलत तरीके से उनकी अच्छे से पिटाई लगाई थी। पहले लोग Website को rank करने के लिए backlink खरीद-फरोख्त करते थे। और खुद ही अपनी Website से दूसरी Website को backlink देते थे। इसके अलावा और भी बहुत उल्टे सीधे लोग काम करते थे। इस Update ने सभी की अच्छे से लंका लगाई।

Google Search Quality Evaluator Guidelines क्या हैं ?

Google की Search Quality Evaluator करने की क्या Guidelines है Google Search एक document के रूप में पब्लिकली available है। कोई भी Google की Guidelines पर जाकर के पढ़ सकता है। और उसके मुताबिक काम कर सकता है इस Guidelines में एक जरूरी टाइम के बारे में बताया है जिसको E-A-T कहते हैं।

E-a-t क्या हैं ?

E-a-t क्या होता है E-a-t यानी कि expertise, authoritativeness, and trustworthiness. E-a-t का मतलब authoritativeness और trustworthiness में एक concept है।

Google की Search Quality Guidelines की जिसमें Google यह चाहता है कि जो भी Website है या blog है। वह किसी particular topic के लिए एक authority हो और उस पर लोग trust करते हो और trustworthines हो मतलब गलत information देता हो सही से देता हो।

Google में rank करने के लिए अब E-a-t भी काफी ज्यादा Importent हो गया है। कि आप जिस topic के बारे में अच्छे से जानते हैं। जिसमें आपकी qualification है। अगर आप उस topic पर लिखेंगे तो Google उसको rank करने में मदद करेगा।

RankBrain क्या हैं ?

RankBrain क्या होता है RankBrain एक मशीन learning system है। जो कि Google के core और algorithm का पाठ है।इसका purpose होता है। most relevant result को दिखाने का जो user ने keywords Search किया था Google के हिसाब से RankBrain एक बहुत ही ज्यादा Importent Ranking फैक्टर है पेज rank के साथ-साथ और Content के साथ-साथ।

Bert क्या हैं ?

Bert का मतलब Bidirectional Encoder Representations from Transformers और Google neural network-based machine learning Technique है।

जो कि neural Language Processing करता है। और उसको ट्रेन करता है इसको आप यह समझ सकते हैं कि एक मशीन learning का program है। जो Google के neural network-based learning का काम करता है।

Bert के साथ Google user की query Score समझने में कामयाब रहता है। कि Google क्या Search करना चाहता है और यह Google का जो autocomplete का फीचर है। वह autocomplete के फीचर में मदद करता है।

जैसे आप Google पर कुछ टाइप करें थोड़ा सा फिर आगे वह suggestion देने लगता है। तो वही उसी को देख कर के वह करता है Bert के हिसाब से वह करता है Google एक Search Engine का algorithm है जो इंग्लिश की को समझने में काम करता है।

Google autocomplete क्या हैं ?

Google autocomplete एक फीचर है Google में जोकि user को Search करने में और सहूलियत देता है। जब user Google के Search Engine में कुछ Search करने के लिए टाइप करता है। तो वह थोड़ा सा टाइप करता है उसके बाद Google suggestion में कुछ दिखाने लगता है इसी फीचर को हम autocomplete फीचर कहते हैं।

इसमें user की मेहनत बच जाती है। अगर उसको नीचे जो suggest में आ रहा है। जो Google auto complete करके दिखा रहा है। उसकी वह query है। तो वह उसको select कर ले तो उसको लंबा चौड़ा typing नहीं करना पड़ता और उसका काम हो जाता है।

इसी तरीके से अगर Google के Search Engine में कुछ spelling गलत हो जाए तो Google का autocomplete उसको सही करके दिखाने लगता है। और उसमें से आप select करके अपनी query के हिसाब से ले सकते हैं।

यह कोई जरूरी नहीं कि Google का autocomplete जो आपको चाहिए वही दिखाएं कई बार वह मोस्ट Popular जो लोग Search कर रहे होते हैं। वह दिखाता है उस केस में आप अपने हिसाब से जो भी चाहिए वह टाइप करके Search कर सकते हैं।

Google search operators क्या हैं ?

Google का Search operator क्या होता है Google का Search operator इसको हम commands और Search parameters भी कहते हैं। यह एक ही special commands होता है। जिसको कि आप Google के Search में टाइप करके अपने result को और ज्यादा filter refine और narrow down कर सकते हैं।

यह Search Engine operator आपके बहुत सारे काम को आसान कर देता है। जैसे आपको यह जानना होगी किसी site के कितने result Google के index में index हो रखे हैं। तो आप simple site: लगा कर के domain का नाम लेकर के इंटर करेंगे तो उसका पूरा वह दिखा देगा इसी तरीके से डबल "" में कोई स्ट्रिंग देने पर वह उस पूरी स्ट्रिंग को Search result में ढूंढेगा यह आपको Advance Search में काम आती है ये चीजें।

Google search console क्या हैं ?

Google Search console इसको हम GSC भी कहते हैं और इसको पहले हम Google webmaster टूल भी कहते थे। यह Google का फ्री टूल है जो की Website ओनर को अपनी Website को index कराने और monitor कराने के काम में आता है

GSC आपकी Website के Ranking का data उस पर नंबर आपके लिए उसका CTR और भी बहुत सारी यूज़फुल information जिसको लेकर के आप अपनी Website को और अच्छे तरीके से कर सकते हैं। वह provide करता है।

जब आप कोई नई Website शुरू करते हैं। तो आप अपनी Website को Google Search console में submit करते हैं। जिससे आप उस Website की सारी information अच्छे तरीके से देख सकते हैं।

Technical SEO क्या हैं ?

Technical SEO क्या होता है Technical SEO में हम लोग SEO के उत्पाद पर फोकस करते हैं जो कुछ Technical type ही चीजें होती है। जैसे Website की स्पीड Website का लुक एंड फील Website पर crawler कितनी देर में आता है।

Website का Structured डाटा Website का breadcrumb navigation, or internal linking robot.txt और sitemap यह सभी चीजें SEO Technical पार्ट में आती है। इसको ही Technical SEO कहते हैं। यह आपकी Website को Run करवाने में बहुत ही Importent रोल अदा करता है।

Technical SEO audit क्या हैं ?

Technical SEO audit क्या होता है Technical SEO audit में जो अभी हमने ऊपर बात की थी उन सभी चीजों को चेक किया जाता है। कि कहीं कोई तो नहीं है problem Website स्पीड चेक करके देखते हैं। कि Website Google के जो भी तय किए गए उसमें लोड हो रही है और पूरे सही से display हो रहे हैं।

Website की जो साइड में है उसमें कोई लिंक तो नहीं टूट रहा है यह सभी चीजों को अच्छी तरीके से चेक करते हैं। और कहते हैं बहुत सारी companies और बहुत सारे लोग Technical audit करते हैं और काफी ज्यादा पैसे चार्ज करते हैं। यहां पर हम आपको Technical SEO audit के बारे में जानकारी देंगे जिसको की आप खुद ही अपनी Website की audit कर सकते हैं।

crawling, rendering, indexing, और ranking क्या हैं ?

crawling क्या होता है rendering क्या होता है indexing और Ranking क्या होता है ? सबसे पहले बात करते हैं Crawling एक process है इसमें Search Engine के bot website पर आकर के Content को Crawler करते हैं। इमेज फाइल को Crawler करते हैं और जो इंटरनल लिंक होते हैं। उनको Crawling करते हैं।

इसके बाद बात आती है Rendering की यह process है जो कि Search Engine bot से डाटा उठा लेता है तो इस पर कुछ code evaluates करता है। अपना और इसके Content को अपने हिसाब से समझता है और उसको Structured और layout बनाता है।

इसके बाद बात आती है indexing की indexing का मतलब Google अपने Search Engine में इनका मतलब एक बार पता चल गया कि क्या है और उसकी जो है वह सब Structured वगैरह बन गया Search Engine उसको अपने पास कहीं सेव करके रख लेता है उसको indexing कहते हैं।

इसके बाद बात आती है Ranking की जोकि Search Engine पर display result हो रहा है वह कैसे display result होगा उसमें क्या-क्या होंगे उसी को Ranking कहते हैं।

Crawl budget क्या हैं ?

Crawl budget क्या होता है Crawl budget number of pages होते हैं जो Google index करता है। जो Google के बोर्ड bot Visit करते हैं। Website पर यह कुछ फिक्स amount में होता है। उतनी बार जो Google के बाद किसी Website पर Visit कर लेते हैं।

एक Particular टाइम में तो फिर उस टाइम के बाद ही Google के Crawl दोबारा से इस Website पर आते हैं यह Website अलग होता है जितनी Popular यह कम Popular Website होगी उसी के हिसाब से Google का जो Crawl होता है। वह Website पर Visit करता है।

search engine robot क्या हैं ?

Search Engine robot इसकी बात हम लोग पहले कर चुके हैं इसको bot crawler और spider तीन नाम से जानते हैं। यह एक program होता है जो Website को crawl करता है। फिर उस पर कोई लिंक मिल जाता है तो उसको crawl करता है।

इस तरीके से वह crawler करता रहता है Bots access Visit करने पर सबसे पहले robots.txt फाइल देखता है। उस फाइल में उसको sitemap मिल जाती है जिसके थ्रू फिर वह आगे नेविगेट करता है इसीलिए आप के लिए साइड में बहुत ज्यादा Importent हो जाता है।

Sitemap क्या हैं ?

sitemap क्या होता है sitemap को XML sitemap भी कहते हैं। यह एक XML फाइल होती है। इसमें किसी भी Website पर कौन-कौन से पेज है कौन-कौन से पोस्ट हैं। उनकी पूरी url की information होती है।

जब किसी Search Engine का bot आता है। तो वह sitemap को देख कर के उसमें से url समझ जाता है। और फिर उस पेज को crawl करता है। जब हम कोई नई Website बनाते हैं तो अपनी Website का sitemap बना करके Google के Search console के थ्रू जा कर के अपने site में आपको submit करते हैं site में अब से ही Google information ले कर के अपने bot को उस Website पर Visit करवाता है।

Robots.txt क्या हैं?

Robots.txt फाइल search engine bots को Website पर Visit करने के लिए कौन से url पर Visit करना है। कौन से url पर Visit नहीं करना है। किसको crawled करना है। किसको नहीं करना है यह information मिलती है।

Robots.txt Website को ओवरलोड होने से बचाता है। इसमें हम कौन से search engine को Visit करवा चाहते हैं और किस को मना करना चाहते हैं उसको इस फाइल से मैनेज करते हैं।

Pro Tip
एक common SEO mistake यह होती है कि जिस url को हमें block करना होता है indexing करने से उसको हम robots.txt फाइल में लिखते हैं। यह भी ठीक है।

लेकिन इससे अच्छा यह होता है कि हम एक meta tag लगाएं जिसमें Robots जिसमें noindex meta tag लगा सकते हैं। Robots.txt का स्क्रीनशॉट हम नीचे दे रहे हैं उसको आप देख सकते हैं।

robots txt

Canonical URL क्या हैं ?

Canonical URL क्या होता है Canonical URL को हम Canonical Tag और Canonical Link भी कहते है। यह url web page पर कौन सा मेन पेज है। उसको बताने का काम करता है। यह हमको website पर Duplicate Content को print करने के लिए काम आता है। Canonical किसी एक topic के ऊपर हमने दो-तीन अलग Article लिख दिया या फिर उसके दो तीन अलग url बना दिए अब Google bots को नहीं पता कि इसमें से main कौन सा है तो उनमें से मेल को बताने के लिए हम सभी में एक ही canonical tag add कर देते हैं। जिससे कि Content Duplicate case की समस्या नहीं आती और search engine bots आसानी के साथ समझ जाता है कि Main url कौन सा है।

Canonicalization क्या हैं ?

Canonicalization एक process है जोकि SEO के काम में आता है यह कई सारे Url जो कि एक जैसे होते हैं उनमें से यह बताने का काम करता है। कि इनमें से कौन सा manual है यह एक तरीका होता है search engine को यह बताने का कि हमारा Main Url कौन सा है। और किस को crawl करना चाहिए search engine bots

Pro Tip

यह चेक करने के लिए किसी URL का Canonical URL कौन सा है इसको आप Google Search Console में URL को डाल कर चेक कर सकते हैं। या फिर आप पेज को source करके वहां पर Canonical लिख करके Search करें इससे भी आप देख सकते हैं इसका Example हम Screenshot में नीचे देख रहे हैं इसको आप देख सकते हैं।

canonical screen

Meta tags क्या हैं ?

Meta tags क्या होता है Meta tags भी जिसको हम metadata भी कहते हैं। यह वेब पेज की information provide करता है search engine को Meta tags यूजर की नजरों से छिपा हुआ होता है। क्योंकि यही उधर से काम की चीज नहीं होती बल्कि search engine bots के काम की चीज होती है।

सबसे ज्यादा कॉमन Meta tags जो कि इस्तेमाल होते हैं उनके नाम इस तरह से हैं। meta title, meta description, meta robots, meta viewport और meta charset.

Pro Tip
बहुत सारी websites में जब optimization का काम शुरू किया जाता है तब सबसे पहले Meta tags पर ही काम करते हैं यह तरीका SEO की पहली सीढ़ी होती है।

Meta tags में important और जरूरी keywords ही लगाना चाहिए खामखा के Meta tags नहीं लगाना चाहिए search engine यूज करते हैं। information को SERPs. में display करने के लिए Meta tags को।

Title tag क्या हैं ?

title tag HTML का element होता है जो की crawlers को यह बताता है कि इस पेज का title क्या है। यह SEO के लिहाज से काफी ज्यादा important होता है। जब हम Google में कुछ search करते हैं तो जो ऊपर लिख करके आता है वह Meta title होता है। इसका Screenshot हम नीचे दे रहे हैं उसको देखकर आप समझ सकते हैं।

title tag बहुत important है SEO और click-through से क्योंकि अगर आप का title tag सही तरीके से और अच्छे से लगा होगा तो आपका CTR बहुत अच्छा होगा।

title tag in google search

ALT text क्या हैं ?

ALT text क्या होता है ALT text का मतलब alternative text होता है। यह हम website पर जो image यूज करते हैं उसका यूज़ करने में इस्तेमाल करते हैं यह हमारी image को किस तरह की image है और image का Purpose क्या है। इसको search engine को बताने का काम करता है।

Pro Tip
एक बात यह ध्यान में रखनी चाहिए की ALT text जो होता है। यह image के लिए यह image को describe करने के लिए होता है ना कि keywords staffing के लिए यानी कि इसमें keywords नहीं भरना चाहिए इस image को अच्छे से describe करना चाहिए।

ALT text यह search engine का पार्ट्स और screen को जो लोग readers करते हैं उनके लिए उन दोनों के लिए इस्तेमाल में आता है।

Headings क्या हैं ?

Headings क्या होता है Headings मदद करता है search engine robots को अच्छे तरीके से यह जानने के लिए की website पर Content किस तरीके का है। यह Heading H1 से लेकर H5 तक होती है। इसमें जो h1 होता है। वह सबसे ज्यादा important होता है।

यह मेन Heading भी होती है फिर इसके बाद h2 होता है जो कि h1 से कम important और यह सब Heading के काम में आता है Heading पेज को एक दूसरे पैराग्राफ से आपस में किस तरीके का रिलेशन है उसको भी दिखाता है।

CMS optimizing आर्टिकल लिखने के लिए Heading का काफी इस्तेमाल होता है। इसको अच्छे तरीके से इस्तेमाल करके हम अपने आर्टिकल को काफी अच्छे तरीके से किसी भी keywords के लिए optimizing कर सकते हैं

Pro Tip
Heading Taxt Table of Contents भी बनता है जिससे कि यूजर को Content Delete करने में काफी आसानी हो जाती है इसलिए कहां पर किस Heading का इस्तेमाल करना है उसको केयरफुल करना चाहिए।

Anchor text क्या हैं ?

Anchor text क्या होता है Anchor text कुछ words होता है जो कि hyperlinked करने के काम में आता है यानी कि 1 में से दूसरे पेज को linking करने के लिए इससे इसका इस्तेमाल होता है।

Anchor text को पेज के हिसाब से उसके topic के हिसाब से उसके रेलीवेंट रखना चाहिए यह clickable link होता है इसलिए इसका Content काफी ध्यान से बनाना चाहिए।

Anchor text कई तरह के होते हैं जैसे कि including, exact, partial, matches, और generic का एग्जांपल है ऐसे click here करते हेल्प करता है। यूजर और crawlers दोनों को यह समझने के लिए की पेज की linking किस तरह से एक दूसरे, दूसरे पेज पर है।

एग्जांपल के लिए इस पेज में हमने बहुत सारे external और internal link लगाए हुए हैं। वह Anchor text का ही ग्राम पल है वह Anchor text का ही एग्जांपल है।

Structured data क्या हैं ?

Structured data इस लोकेटर में information provided करता है web page की और उस पर हुए लिखे कंटेंट की Schema.org. की सहायता से Structured data directly ranking को improve नहीं करता लेकिन यह इसमें मदद काफी ज्यादा करता है।

Structured data से ही search engine bots यह पता लगाता है की Website पर ऐसा कुछ है जिसको कि हम rich result या फिर फीचर्ड snippet में दिखा सकते हैं अगर उसको कुछ ऐसी information मिलती है तो वह फिर rich result और फीचर्स में दिखाने का इस्तेमाल करता है।

Breadcrumb navigation क्या होता है। Breadcrumb navigation इसको हम breadcrumbs भी कहते हैं यह website पर navigation करने के लिए काफी मददगार होता है।

यह हम एक जगह से दूसरी पेज पर जब जाते हैं फिर दूसरे से तीसरे पर जाते हैं तो यूजर को यह जानने में मदद करता है कि वह कहां से चला था और कहां पर पहुंचा है इसका एग्जांपल हम नीचे स्क्रीनशॉट में दे रहे हैं इसको देख कर के आप समझ सकते हैं।

Breadcrumbs काफी ज्यादा important हो जाता है क्योंकि इससे internal linking का Structure भी बनता है ज्यादातर website में Breadcrumbs देश के top में होता है और यह होम पेज और Category भी दिखाता है।

Mobile-first indexing क्या हैं ?

Mobile-first indexing क्या होती है Mobile-first indexing का मतलब है कि Google अपने पास एक-एक web crawler को manage करता है। जो कि किसी भी websites के Mobile version crawling, rendering, indexing, और ranking.करने का काम करता है।

पहले जब ज्यादातर लोग website को desktop computer पर इस्तेमाल करते थे तो google desktop version को अपने पास index करता था। लेकिन अब ज्यादातर लोग Mobile से website को Visit करते हैं। तो google भी उसी के हिसाब से Mobile-first indexing को इस्तेमाल करके Mobile version का जो पेज होता है उसको crawling करता है।

Pro Tip

आप Mobile-first indexing को Mobile-index भी कह सकते हैं

google में search console google में आप यह चेक कर सकते हैं कि मोबाइल में कौन सा crawler काम कर रहा है वह मोबाइल वाला है या desktop वाला यह आप कवरेज में जा करके देख सकते हैं जिसका screenshot हम नीचे दे रहे हैं।

google crawler

Core Web Vitals क्या हैं ?

Core Web Vitals google का performance चेक कर और उसको दिखाने का एक तरीका है जो कि पेज पर यूजर का Experience कैसा है इसको भी दिखाता है Core Web Vitals में 3 element होते हैं जिनका हम नीचे नाम दे रहे हैं।

पहला Largest contentful paint (LCP) जोकि फोकस करता है वेब पेज की loading time पर

दूसरा First input delay (FID) इसका मतलब है interactivity

तीसरा Cumulative layout shift (CLS) जो की फोकस करता है visual stability पर

google Core Web Vitals को अब काफी ज्यादा Importent दे रहा है किसी भी Website को rank करने का अब यह भी एक फेक्टर है तो इसको काफी Importent देना चाहिए और regular अपनी Website का Core Web Vitals चेक करते रहना चाहिए

इसका screenshot नीचे हम दे रहे हैं। जिसको देखकर आप समझ सकते हैं और इसको चेक करने का तरीका भी कई सारा है उन तरीकों को भी हम बता रहे हैं।

core web vitals

पहला तरीका google का खुद का अपना Page Speed Tool है। इसमें url डाल कर के हम किसी भी पेज का Core Web Vitals चेक कर सकते हैं https://www.webpagetest.org/

इसका screenshot नीचे हम दे रहे हैं इसको देखकर आप समझ सकते हैं।

दूसरा तरीका google का light house है उसका इस्तेमाल करके हम जो भी website ओपन किए हुए होते हैं उनका Core Web Vitals देख सकते हैं इसका भी screenshot नीचे हम दे रहे हैं समझ सकते हैं।

google lighthouse

तीसरा तरीका web page test नाम की website पर भी जाकर आप किसी भी पेज का Core Web Vitals चेक कर सकते हैं www.webpagetest.org इस site में अपने website के url डाल कर चेक कर सकते हैं। जिसको देख कर के आप समझ सकते हैं।

Fourth तरीका GT Matrix की website पर भी जाकर के आप किसी भी website का Core Web Vitals चेक कर सकते हैं gtmetrix.com इस site में अपने website के url डाल कर चेक कर सकते हैं। जिसको देख कर के आप समझ सकते हैं।

Core Web Vitals जो website कोर Web Vitals के हिसाब से optimize नहीं होगी तो google उसको rank में पीछे कर देगा इसलिए आपको Core Web Vitals पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है यह एक technical SEO का Part है।

SEO कितने तरह का होता है

SEO बहुत तरीके की अलग-अलग types और categories और subcategories का होता है यह बहुत तरीके का होता है यहां पर हम कुछ Popular और important के बारे में बात करेंगे।

इस SEO को हम अपनी आसानी के लिए दो भागों में बांट सकते हैं पहला On-site SEO इसमें हम अपनी website को optimizations करते हैं जो हमारी पेज पर element होते हैं। जैसे कि meta tags, content, speed, URLs, internal links वगैरा वगैरा।

दूसरा Off-site SEO जो कि हमारी site पर directly नहीं बल्कि बाहर से होता है। जैसे कि link building या इसको हम backlinks लेना भी कह सकते हैं।

इसके अलावा एक और होता है on-page SEO और off-page SEO जो कि देखने में एक ही जैसा लगता है लेकिन यह थोड़ा अलग होता है।

SEO में back hat SEO और white hat SEO भी होता है

SEO में काम करने के दौरान कुछ ऐसी Techniques होती है। जोकि ethical नहीं होती उसको हम back hat SEO कहते हैं। और जो Techniques सही होती है उसमें कुछ भी गलत नहीं होता उसको हम white hat SEO कहते हैं। यानी कि जिसमें हम Google की guidelines को पूरा फॉलो करते हुए SEO करते हैं।

उसको white hat SEO को कहते हैं। और जिसके अंदर हम कुछ Google की जो guidelines है। उसका कुछ मिस यूज करते हैं और कुछ और अपनी तरीके से उस को hack करने की कोशिश करते हैं। यह Search Engines को Manipulate करने की कोशिश करते हैं। उसको हम back hat SEO कहते हैं।

SEO को और भी कई भागों में बांट सकते हैं जैसे कि technical SEO जिसमें हम अपनी website की technical चीजों से Related काम करते हैं। जैसे page speed हो गया, उसका डिजाइन हो गया, इसके बाद mobile SEO जो कि mobile device पर अपनी website को rank करवाने के लिए इस्तेमाल होता है।

उसको हम mobile SEO को कहते हैं। इसके अलावा local SEO भी होता है जो कि किसी Specific अपने local लोकेशन पर किसी website को rank करवाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

जनरल SEO के अलावा कुछ और ऐसे भी होते हैं जैसे YouTube पर अपनी Video rank करने के लिए SEO वो करते हैं। उसको YouTube क्यों बोलते हैं इसके अलावा Instagram पर अपनी post को rank करवाने के लिए जो काम करते हैं।

उसको Instagram SEO और Google के play store पर अपनी mobile app को rank करवाने के लिए SEO करते हैं। उसको app store optimization कहते हैं। इसके अलावा organically rank करवाने के लिए SEO करते हैं।

off-site SEO क्या हैं ?

off-site SEO क्या होता है off-site SEO को हम website के बाहर से करते हैं अपनी website की rankings को Improv करने के लिए उसकी authority बनाने के लिए उसको off-site SEO कहते हैं। इसमें external links बनाकर अपनी website पर backlinks बनाते हैं। जिससे हमारी website की link profile मजबूत होती है।

off-site SEO में जनरली हम लोग link profile बनाते हैं यानी कि backlinks बनाते हैं। इसके अलावा हम अपनी website पर links लाने के लिए guest post और कुछ promotional activities दूसरी sites पर करवाते हैं। यह भी off-site SEO में दाखिल है इसके अलावा social media पर जो Activities करते हैं वह भी off-site SEO में आता है।

on-site SEO क्या हैं ?

on-site SEO क्या होता है on-site SEO जो हम अपनी website पर काम करते हैं जैसे कि meta tags, headings, ALT tags, content, speed, URLs, internal links अपनी website पर जो हमने कंटेंट लिखा है website की Speed को Improv करना उसका URLs सही से Structure बनाना internal linking करना यह सब on-site SEO में आता है। जिसको कि हम नजरअंदाज नहीं कर सकते।

Pro Tip
on-site SEO में वेबसाइट को impove करने के लिए यूज़ करते हैं कुल मिलाकर on-site SEO में होता यह है कि हम अपनी website को यूजर को Accept करने के लिए आसान से और आसान बनाने की कोशिश करते हैं वह on-site SEO में आता है।

black hat SEO क्या हैं ?

black hat SEO Google की Guidelines के हिसाब से काम करने को white hat SEO कहते हैं उसी का उल्टा करके जब हम Google की Guidelines के हिसाब से काम ना करके उल्टा सीधा काम करते हैं तो उसको black hat SEO कहते हैं।

black hat SEO बहुत ही risky होता है यह short-term में कुछ फायदा दे सकता है। लेकिन long-term में बहुत ही मुश्किल पैदा हो सकती है। black hat SEO कि कुछ common बातें यह है। जैसे कि keyword को stuffing करना link schemes बनाना।

एक ही वायरल से दूसरे url redirect करना कुछ text को hidden करके उस पर link बनाना इसके अलावा और भी search engine को बेवकूफ बनाने के लिए जो भी Technique हो सकती है उसको इस्तेमाल करना यह सब फेक है पैसों के अंदर आता है इसमें हमेशा risk बना रहता है।

white hat SEO क्या हैं ?

white hat SEO उसी को कहते हैं जिसमें हम अपनी website पर SEO करते हैं जो search engine की Guidelines होती है। उसके अनुसार इसमें कुछ भी मिस यूज करने या गलत चीज को यूज करने की कोशिश नहीं करते इसको white hat SEO कहते हैं।

यह SEO थोड़ा देर में result देखा है। लेकिन इसमें कोई risk नहीं होता यह long-term के लिए सबसे बेहतर होता है। और हम इसको ही comment करते हैं जो ऊपर बैठे पैसों की बात हुई थी उसको हमने कमेंट नहीं करते।

हम white hat SEO को ही करते हैं और उसी की equation भी देते हैं इसमें हम अपने यूजर को valuable Information Provide करते हैं कुछ भी गलत करने की कोशिश नहीं करते।


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